अंकुरित अनाज खाने से क्या नुकसान होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 22nd Dec 2022 : 15:21

कच्चे स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) खाने के फायदे ही नहीं जान लें सेहत पर होने वाले इसके नुकसान भी

कच्चा अंकुरित अनाज खाने के नुकसान
कच्चा स्प्राउ्टस खाने से पाचन सही रहता है, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। हार्ट डिजीज होने की संभावना कम होती है। हालांकि, कच्चा स्प्राउट्स खाने से सिर्फ फायदे ही नहीं होते हैं, बल्कि नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कच्चे स्प्राउट्स खाने के सेहत पर होने वाले नुकसान के बारे में यहां

Raw sprouts side effects in Hindi: अंकुरित अनाज खाने की सलाह तो डाइटिशियन भी देते हैं, क्योंकि ये कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है। नाश्ते में इसे खाना काफी फायदेमंद होता है। चना, मूंग आदि को पानी में भिगोकर उसे दो-तीन दिनों के लिए छोड़ दें, तो खुद ब खुद वे अंकुरित हो जाते हैं। कच्चे स्प्राउट्स (Raw Sprouts) में पोषक तत्वों की बात करें तो ये न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं। इसमें प्रोटीन, फोलेट, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मैंग्नीज, विटामिन सी, के आदि होते हैं। स्प्राउटिंग प्रक्रिया के दौरान न्यूट्रिएंट लेवल और भी अधिक बढ़ जाते हैं। पानी में कई तरह के अनाज को आप 2 से 7 दिनों के लिए रख देंगे तो वे बेहद अच्छी तरह से अंकुरित हो जाते हैं। इनमें कम से कम 1-2 इंच लंबा स्प्राउट निकल जाता है। कच्चा स्प्राउ्टस खाने से पाचन सही रहता है, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। हार्ट डिजीज होने की संभावना कम होती है। हालांकि, कच्चा स्प्राउट्स खाने से सिर्फ फायदे (Raw sprouts Benefits) ही नहीं होते हैं, बल्कि नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कच्चे स्प्राउट्स खाने के सेहत नुकसान के बारे में यहां
कच्चे स्प्राउट को खाने के नुकसान
1 कच्चे स्प्राउट्स को खाने से आपको फूड प्वॉइजनिंग हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसे कच्चा खाया जाता है और संभवत: इसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इन्हें गर्म और ह्यूमिड या आर्द्र परिस्थितियों में उगाया जाता है, जिसमें ई कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया भी पनपते हैं। यदि कच्चे अंकुरित अनाज को खाने से आपको फूड प्वॉइजनिंग होता है, तो इसके लक्षण 12-72 घंटे के बीच में नजर आ सकते हैं। इसमें आपको डायरिया, पेट में मरोड़, उल्टी हो सकता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं को स्प्राउट्स को अच्छी तरह से पकाकर ही खाने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं।

स्प्राउट्स के प्रकार (Types of sprouts)
सिर्फ अनाज के बीचों से ही स्प्राउ्टस नहीं बनाया जाता है। स्प्राउट्स भी कई तरह के बीजों से बन सकते हैं। सोया बीन, मूंग बीन, ब्लैक बीन, राजमा, मसूर, हरा मटर का स्प्राउट। अनाज जैसे ब्राउन चावल, अमरनाथ, कमुत, क्विनोआ, ओट्स, बकव्हीट से भी बनते हैं स्प्राउट्स। इसके हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे गाजर, ब्रोकोली, मेथी के अंकुर, चुकंदर, सरसों की पत्तियों का स्प्राउट्स आदि। वहीं, नट्स और बीजों से तैयार स्प्राउट्स में बादाम, गाजर के बीज, कद्दू के बीज, तिल के बीज, सूरजमुखी के बीजों का स्प्राउट्स बनाकर खा सकते हैं।

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